Wednesday, 24 January 2018

khoon ki kami ke lakshan

Khoon ki kami ke lakshan :

क्या आपको जरा सा काम करने पर ही थकान और कमजोरी महसूस होने लगती हैं क्या जरा सा दूर चलने पर ही आपको चक्कर आने लगते है क्या देर रात तक काम करने पर आपकी आँखों में जलन और दर्द होने लगता है 
khoon ki kami ke lakshan
तो ये सभी लक्षण शरीर में खून की कमी होने की तरफ इशारा करते है |हमारे शरीर में खून का निर्माण लाल रक्त कण और सफ़ेद रक्त कण मिलकर करते है यही कण हिमोग्लोबिन को यानि खून को हमारे फेफड़ो से लेकर दिल समेत शरीर के बाकि हिस्सों तक पहुंचाते है
लेकिन जब कभी पोषक तत्वों के अभाव में शरीर में खून की कमी होती हैंतो इनकी संख्या शरीर में कम होने लगती है|इसी को ध्यान में रखते हुए हम आपको बताने जा रहे ,एनीमिया को पहचानने के लक्षण जिससे आप इस रोग की पहचान करके इसके दोबारा प्रभाव में आने से बचा सकते है….
khoon ki kami ke lakshan
  • त्वचा का पीला पड़ जाना
  • थकान और कमजोरी महसूस होना
  • दिल की धड़कन का तेज़ हो जाना
  • साँस का फूलना
  • छाती में जलन होना
  • घाव का जल्दी ना भरना
  • उच्च रक्तचाप होना
  • बालो का झड़ना
  • हाथ पैरों का फूलना
khoon ki kami ke lakshan

खून की कमी होने के कारण
  • मधुमेह
  • रेड ब्लड सेल्स की कमी
  • दुर्घटना या बीमारी के कारण अधिक खून बहना  
  • हार्ट डीजीज
  • अस्थमा
  • थाइराइड
  • गर्भावस्था
  • मासिक धर्म
  • ब्लीडिंग डिसऑर्डर
  • पोषक तव्वो की कमी
  • विटामिन बी 12 की कमी
  • आँखों के निचे काले घेरे होना
khoon ki kami ke lakshan

खून की कमी होने पर इन चीजों से करें परहेज 
कैफीनयुक्त पदार्थ धुम्रपान और शराब का सेवन जंक फ़ूड व्यायाम न करना वजन बढ़ना |
ऐसे पहचाने शरीर में खून की कमी को 
शरीर में खून को बढा़ने का काम हिमोग्लोबिन करता है ,(Khoon Ki Kami Ke Lakshan In Hindi) इसको आयरन नाम का प्रोटीन बनता है लेकिन शरीर में इसकी कमी होने पर हिमोग्लोबिन नहीं बन पाता है |जिसके कारण शरीर में खून की कमी होने लगती है |

khoon ki kami ke lakshan

लाल और सफ़ेद रक्त कण का ना बनना  – जब शरीर में लाल और सफ़ेद रक्त कणों की कमी होने लगती है ,जो की खून का निर्माण करने के लिए जिम्मेदार होते हैं |तो शरीर में खून का आभाव होने लगता हैं|

नाखूनों का पीला पड़ना शरीर में खून की कमी को पहचानने का सबसे अच्छा लक्षण ये हैं की जब भी कभी शरीर में खून की कमी होती है ,तो आपके नाखूनों का रंग पीला पड़ने लगता है खून की कमी के कारण हीमोक्रोमेटिक रोग होने का खतरा बढ़ जाता हैं |

Monday, 22 January 2018

Body banane ki exercise

Body banane ki exercise :

क्‍या आप बॉडी बनाना चाहते है, ठीक वैसी ही जैसे फिल्‍मों में एक्‍टर्स (same like movie actors) की होती है, बिल्‍कुल बिंदास सिक्‍स पैक। एक अच्‍छी बॉडी बनाने के लिए उस पर किया जाने वाला वर्कआउट (workout for body is good) सबसे ज्‍यादा काम आता है और उससे ज्‍यादा जरूरी होता है, सही टेक्‍नीक (good technique)। आप जब भी बॉडी बनाएं तो रातों – रात होने वाले चमत्‍कार (never think about quick result) के बारे में न सोचें। इसमें टाइम लगता है (it take time), इसके लिए आपको लगातार प्रयास करना होता है और फोकस करना होता है। इसके लिए आपको 6 – 12 महीने तक काफी मेहनत करनी पड़ेगी (work hard) और उसके बाद ही कोई फर्क नजर आएगा।
Body banane ki exercise
हालांकि, बॉडी बनाने के लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है उसके बारे में सही जानकारी रखना (correct information)  और सुरक्षा नियमों (safety rules) को जानना, खासकर उस समय जब आपकी बॉडी में फैट हो (fat in the body) और उसे कम करके आपको बॉडी को बनाना हो। यहां आपको बॉडी बनाने के कुछ स्‍टेप (read the steps) बताएं जा रहे है जो आपको हेल्‍प (these steps will surely help you) करेंगे।

 Medical Test is Important

सबसे पहले डॉक्‍टर से मिलें (meet the doctor)। अपनी बॉडी की जांच (test) करवाएं। बॉडी की जरूरत समझें (understand) और उसकी मेडीकल कंडीशन (know the medical condition) को जानें। किसी भी एक्‍सरसाइज को करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह (consult doctor before starting gym) लें।
Body banane ki exercise

Select your gym

अपनी बॉडी को बनाने की लिए एक अच्‍छे जिम को सेलेक्‍ट (select the gym which is suitable for you) करें, जहां आप ट्रेनर के अंडर में एक्‍सरसाइज कर सकते है (you can do exercise under trainer)। जिम का माहौल, वातावरण (atmosphere) और लोकेशन अच्‍छी (good location) होनी चाहिए।

Make your muscles strong

भारी वजन (heavy weight) को उठाने से पहले अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाएं। अपनी मांसपेशियों को चोट लगने से बचाएं। एक बार मांसपेशियां स्‍ट्रांग हो जाती है तो उसके बाद दर्द नहीं होता है और आप आराम से एक्‍सरसाइज (you can do exercise easily) कर सकते है।
Body banane ki exercise

Get a training partner, it will give you good result

हां, दोस्‍तों, यह वाकई में सच बात है कि अगर आप जिम में कोई ट्रेनिंग पार्टनर बनाते है तो आपको अपनी बॉडी को बनाने में आराम (easy to make physique when you are doing it with some partner) मिलती है। आप उसके साथ खुद को कम्‍पेयर (compare yourself) कर सकते है।

Know your body changes

अगर आप बॉडी बनाने की शुरूआत कर रहे है तो अपनी बॉडी में होने वाले छोटे से छोटे परिवर्तन को ध्‍यान (always check the small changes done in your body) में रखें। इससे आपको उसे आगे इम्‍प्रुव 9improve) करने में आराम मिलेगा। अगर लगता है कि आपके शरीर को आराम चाहिए (body need rest) तो एक दिन रेस्‍ट लें लेकिन इसे रोज आराम न करने दें, वर्कआउट करना बहुत (workout is very important) जरूरी है।
Body banane ki exercise

Stretching is must

वर्कआउट सेशन (workout session) में स्‍ट्रेचिंग जरूर करें। इससे मांसपेशियां मजबूत होती है और उनमें सूजन (no swelling) भी नहीं आती है। इसके अलावा, इससे बॉडी में लचीलापन भी आता है।

Take proper breath

एक्‍सरसाइज के दौरान सही समय पर सांस लेना सबसे महत्‍वपूर्ण (very important to have control on your breath) होता है। सांस को सही तरीके से लेने पर एक्‍सरसाइज में काफी लाभ (very helpful) मिलता है।

Monday, 8 January 2018

Causes of Miscarriage

Causes of Miscarriage :

Miscarriage यानि गर्भपात गर्भावस्था के 15 से 25 हफ़्तों के अन्दर भ्रूण का गिरजाना या ख़त्म हो जाना गर्भपात कहा जाता है कभी कभी भ्रूण का दसवें या बारहवे हफ्ते में  गिरजाने से महिलाओं को काफी तकलीफ होती है ऐसा silent miscarriage या गर्भ पात का पता न लगने के कारण होता है इस्ज्से कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है 

Causes of Miscarriage

दोस्तों गर्भपात होने के कई कारण है जिनके कारण महिलाओं को इस समस्या का सामना करना पड़ता है तो आइये जानते है उन कारणों को 

  • अक्सर देखा जाता है महिलाओं के स्वास्थय ठीक नही रहता है वह वैवाहिक जीवन में अधिकतर बीमार ही रहती है जिसके कारण गर्भपात का खतरा रहता है

  • कुछ महिलाओं को इन्फेक्शन की समस्या या हार्मोन्स की समस्या के कारण भी गर्भपात का सामना करना पड़ता है
Causes of Miscarriage

  • कुछ महिलाओं को चोट लग जाने के कारण या पेट के बल गिरजाना  भी गर्भपात का   कारण बन सकता है 

  • वे महिलाये जो धुम्रपान ,शराब ,सिगरेट या किसी ड्रग्स का सेवन करती है उनको गर्भपात होने का बहुत अधिक खतरा होता है 

  • कभी कभी खान पान का ठीक तरीके न हो पाने की वजह से पोषण का ठीक न होना भी गर्भपात का कारण बन जाता है 
Causes of Miscarriage

  • जिन लड़कियों की सदी जल्दी हो जाती है और उनकी माँ बनाने की उम्र पूरी नही हो तो यह कारण भी गर्भपात होने का कारण बनता है 

  • कभी कभी प्रग्नेसी के दौरान गर्भाशय में अंडाणु का सही तरह से न जैम पाना भी गर्भपात का एक कारण बन सकता है 


Thursday, 4 January 2018

Madar Plant

Madar Plant :

दोस्तों जैसा की हम सभी लोग जानते है madar plant या हम इसको आक का पौधा के नाम से भी बुलाते है को हम एक घास या कोई जंगली पौधा समझते है लेकिन क्या आप जानते है की यही आक का पौधा हमें कई जटिल और भयंकर बिमारियों से हमें बचा सकता है 

तो आइये जानते है madar plant के बारे में यह अक्सर गर्मियों के मौसम अधिक मिलता है इसके पत्ते कुछ गुद्दुदे और इसके फूल सफ़ेद और पिंक कलर के होते है इसको तोड़ने पर दूध निकलता है यह दूध बहुत ही जहरीला होता है जो हमारी आँखों के लिए बहुत हनी कारक  होता है 

Madar Plant

परन्तु इस पौधे को आयुर्वेदिक में बहुत ही अच्छी औषधी का स्थान दिया गया है क्यों की यह कई बड़े रोगों व बिमारियों को ठीक करने के काम में लाया जाता है 


1- नाखून रोग :

यदि नाख़ून में किसी प्रकार की चोट या संक्रमण होता है तो आक के पौधे की जड़ को पानी के साथ घिस कर के नाख़ून पर लगाने से चोट या संक्रमण ठीक हो जाता है 

Madar Plant


2 - कांटा चुभने पर :

pair में कांता या किसी प्रकार से कांच लगने पर आक के दूध को निकाल कर के लगाने से काँटा और कांच खुद व खुद निकल कर के बाहर आ जाता है 


3 - खुजली में :

यदि कभी खुजली की शिकायत हो जाये या स्किन से सम्बंधित रोग की शिकायत रहती है आक के पौधे की जड़ को जलाकर के उसकी राख को सरसों के तेल में मिलाकर के मालिश करने से खुजली  ठीक हो जाती है 

Madar Plant

4 - खासी के लिए :

अगर खांसी होती होती है और कई ilaj करने के बाद भी कोइ फायदा नही होता है तो आक के पौधे की जड़ को काली मिर्च के साथ पीस कर के छोटी छोटी गोली बना कर के गुनगुने पानी के साथ सुबह शाम सेवन करने से पुरानी से पुरानी खांसी भी ठीक हो जाती है \

Tuesday, 19 December 2017

khali pet lahsun khane ke fayde

Khali Pet Lahsun Khane Ke Fayde : Benefits of Eating Garlic

khali pet lahsun khane ke fayde
     दोस्तों आज मै आप को  khali pet lahsun khane ke fayde बताऊंगा  की आप सभी जानते है की lahsun खाने से हमारे शरीर को कई प्रकार से स्वस्थायिक फायदे होते है है और इसको हम कई प्रकार से सेवन कर सकते है सब्जियों के साथ में ,सर्दियों के समय में अक्सर लोग इसको आग   कर भी सेवन करते हैइसके अ हम इसका सेवन इसका रस निकाल कर भी कर सकते है तो आइये दोस्तों जानते है की हम lahsun को किस प्रकार से प्रयोग में लाते हैं और इसके हमारे शरीर को क्या फायदे होते है इसके साथ ही यह कौन कौन सी बिमारियों को ठीक कर सकता है
khali pet lahsun khane ke fayde

 Garlic Benefits For Skin:

     lahsun हमारे चहरे पर होने वाले पिम्पल्स ,डार्क स्पॉट्स ,झुर्रियां ,कील ,मुहासों को हटाने के लिए एक सबसे कामयाब नुस्खा मना जाता है lahsun से स्किन को गोर बनाने के लिए lahsun के रस को शहद में मिलाकर के चहरे पर लगाने से चहरे पर चमक आती है पिम्पल्स भी ठीक हो जाते हैं साथ साथ काले घेरे ,झुर्रियां भी हमेशा के लिए ठीक हो जाते हैं 
khali pet lahsun khane ke fayde

Garlic Benefits For Fat Loss :

     दोस्तों क्या आप जानते है की lahsun भी हमारे शरीर में बढ़ने बाले मोटापे को कम कर सकता है तो आइये जानते है हम lahsun से मोटापे को कम करने के लिए अक गिलास nimbu पानी को तैयार कर के कम से कम lahsun की दो से तीन कलियों का खाली पेट सेवन करने के बाद nimbu पानी को पी लें इस प्रयोग को नियमित समय तक करने से दो से तीन हफ़्तों  ओ अपने मोटापे दूर से ही अंतर पता चलने लगेगा 
khali pet lahsun khane ke fayde

Garlic Benefits For Hair Fall :

     यदि बालों में रुसी हमेशा बनी रहती है या बाल झड़ते  है बालों के झड़ने के कारण सर पर गंजापन दिखने लगा है तो इसके लिए नारियल के तेल में lahsun का तेल मिलाकर के शाम को सोने से पहले बालों में हलके हांथों से मालिश करें और इसको सुबह उठ कर के पानी से साफ़ करें ऐसा करने से बालों से जुडी सारी परेशानिया जड़ से ख़त्म हो जाती है    

Monday, 18 December 2017

ashwagandha ke fayde

अश्वगंधा से होने वाले स्वास्थकारी फायदे


1. ह्रदय का स्वास्थ:
अश्वगंधा शरीर के ह्रदय के स्वास्थ को विकसित करने और बहुत से कारणों की वजह से होने वाले ह्रदय विकारो के खतरे को कम करने में भी सहायक है। अश्वगंधा ह्रदय में रक्त प्रवाह के संचार के बढाता है, जिससे रक्त थक्का की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। साथ ही यह ब्लड शुगर की मात्रा को भी स्थायी रखता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रित करता है। साथ ही अश्वगंधा शरीर में ब्लड प्रेशर की लेवल को भी नियंत्रित रखने में सहायक है।

2. कामोत्तेजक की तरह:
आयुर्वेदिक चिकित्सक अक्सर कामुकता और जनन अक्षमता संबंधी समस्याओ से छुटकारा पाने के लिए अश्वगंधा खाने का सुझाव देते है। यह मानवीय कामेच्छा की मरम्मत करता है, नपुंसकता को निरोगी बनाता है और पुरुषो में वीर्य के उत्पादन को बढाता है। दक्षिण एशिया में इसका ज्यादातर उपयोग यौन शक्ति बढ़ाने वाली औषधि के रूप में किया जाता है। साथ ही यह मानवी शरीर में यौन स्वास्थ और शक्ति बढ़ाने का भी काम करता है। इसके साथ-साथ यह जडीबुटी हमारे दिमाग को शांत रखने और कामुकता की इच्छाशक्ति और प्रदर्शन क्षमता विकसित करने में सहायक है।
3. अनिद्रा की बीमारी को दूर करता है:
अनिद्रा की बीमारी को ठीक करने में अश्वगंधा काफी प्रभावशाली साबित हुआ है। इसमें पाए जाने वाले शांतिदायक और कायाकल्प तत्व हमारे शरीर में उर्जा का निर्माण करते है, जिससे हमें अच्छी और गहरी नींद लगती है। साथ ही यह तंत्रिका तंत्र को भी स्वस्थ रखने में सहायक है और कायाकल्प हमारी अनिद्रा की समस्या को हमेशा दूर करता है।
4. कैंसर:
हाल ही में हुए सर्वे से यह पता चला है की अश्वगंधा में कैंसर की कोशिकाओ को रोकने की क्षमता पायी जाती है। अश्वगंधा कैंसर की कोशिकाओ को समाप्त कर कैंसर से लढने वाली कोशिकाओ का निर्माण करने में सहायक है। साथ ही इसमें एंटीजिनिक तत्व भी पाए जाते है जो कैंसर के समय नयी रक्त कोशिकाओ के निर्माण को रोकते है और स्वस्थ कोशिकाओ के निर्माण को बढावा देते है।
5. प्रतिरक्षा तंत्र:
इस छोटे और मोटे पौधे में बहुत से फायदे छुपे हुए है, अश्वगंधा से होने वाले सबसे प्रचलित फायदों में से यह एक है। अश्वगंधा हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र की क्षमता को विकसित करने में सहायक है। बहुत से अभ्यासों से यह पता चला है की अश्वगंधा हमारे शरीर में सफ़ेद रक्त कोशिकाओ के निर्माण को बढाता है। जिससे हमें बहुत सी बीमारियों से छुटकारा मिलता है। कहा जाता है की बीमारी के बाद प्रतिरक्षा तंत्र पुर्नविकसित करने के लिए अश्वगंधा ही सबसे अच्छी जडीबुटी है।
6. तनाव दुर करने में सहायक:
अश्वगंधा में प्रभावशाली तनाव कम करने वाले तत्व पाए जाते है। अकाल उम्र का बढ़ना साधारणतः दीर्घकालीन मानसिक अशांति से जुड़ा हुआ होता है जिससे हमारे शरीर में अतिरिक्त तनाव की उत्पत्ति होती है। यह अतिरिक्त तनाव हम आसानी से अश्वगंधा में पाए जाने वाले एंटीओक्सिडेंट की सहायता से दूर कर सकते है। अश्वगंधा में पाए जाने वाले तनाव निरोगी तत्वों का उपयोग अक्सर डिप्रेशन की औषधियों में भी किया जाता है। साथ ही अश्वगंधा का उपयोग एंटी-डिप्रेशन ड्रग्स के रूप में भी किया जाता है।
7. व्याकुलता / चिंता:
अभ्यास से यह पता चला है की अश्वगंधा सफलतापूर्वक मरीज में चिंता और व्याकुलता के लक्षणों को पूरी तरह से दूर करता है। यह चिंता और दर्दभरे अटैक के समय गाबा (गामा एमिनो ब्यूटायरिक एसिड) की तरह काम करता है।
8. एंटीओक्सिडेंट:
अश्वगंधा पूरी तरह से जुड़ा हुआ होता है जिसमे शक्तिशाली एंटीओक्सिडेंट तत्वों का समावेश होता है। यह शरीर में पाए जाने वाले मुक्त रेडिकल्स का विनाश करता है जो बहुत सी बीमारियों का कारण बनते है। इससे ट्यूमर और दूसरी हानिकारक बीमारियों का विकास नही हो जाता।
9. शक्ति और प्रबलता:
उर्जा और जोश की कमी होने के बाद अश्वगंधा शरीर में शक्ति और प्रबलता की पुनर्निर्मिति करता है। यह यह रोगक्षम तंत्र को प्रोत्साहित कर शरीर की गतिविधियों को बढाता है। यह वातज्वर और ट्यूबरक्लोसिस की समस्या से जूझ रहे मरीजो के लिये काफी लाभदायक है।
10. ब्लड शुगर प्रमाण:
अश्वगंधा ब्लड शुगर के प्रमाण को नियंत्रित करता है, जिससे खून में शुगर की मात्रा नियंत्रित रहती है। इसी वजह से अश्वगंधा को दुसरे तरह के डायबिटीज को ठीक करने में सबसे प्रभावशाली जडीबुटी माना गया है।

khoon ki kami ke lakshan

Khoon ki kami ke lakshan : क्या आपको जरा सा काम करने पर ही थकान और कमजोरी महसूस होने लगती हैं  ?  क्या जरा सा दूर चलने पर ही आपको चक्कर...